दीन दयाल उत्तराखण्ड ग्रामीण आवास योजना (राज्य पोषित योजना)

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गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले आवासविहीन /कच्चे आवासों में निवास करने वाले परिवारों को पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध करने हेतु उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 25 सितम्बर 2007 से ‘‘दीन दयाल उत्तराखण्ड ग्रामीण आवास येाजना‘‘ के नाम से राज्य पोषित योजना प्रारम्भ की गई है।

योजना की मुख्य विशेषतायें

योजना का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2002 के बी0पी0एल0 सर्वेक्षण के आधार पर गरीबी की रेखा से नीचे बसर कर रहे आवास विहीन/ कच्चेे आवासों वाले परिवारों के नये पक्के  आवास निर्माण हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

योजनान्तर्गत अनु0जाति/अनु0 जनजाति, मुक्त बन्धवा मजदूरों के सदस्यों तथा सामान्य जाति के लोगों को एक मुश्त वित्तीय सहायता देकर आवास निर्माण में वित्तीय सहायता प्रदान करना है।

मात्राकरण

योजना के अन्तर्गत उपलब्ध निधियां निम्नानुसार विभिन्न वर्गाे के लिये मात्राकृत है।

1.    एक वित्तीय वर्ष के दौरान दीन दयाल उपाध्याय आवास योजनान्तर्गत कुल आवंटन का कम से कम 19 प्रतिशत गरीबी रेखा से नीचे के अनु0जाति तथा 4 प्रतिशत अनु0जनजाति के परिवारों के लिये मात्राकृत है।

2.    सभी वर्गो के शाररिक तथा मानसिक रूप से अपंग व्यक्तियों के लिये 3 प्रतिशत मात्राकृत है।

3.    गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले शेष गैर अनु0जाति/अनु0जनजाति के ग्रामीण आवासविहीन बी0पी0एल0 परिवार को लाभान्वित किये जाने का प्राविधान है।

लाभार्थियों के चयन में प्राथमिकता 

लाभार्थियों के चयन में प्राथमिकता का क्रम निम्न प्रकार निर्धारित है.

(1) मुक्त बन्धवा मजदूर.

(2) अनु0जाति/अनु0जनजाति.

(अ) अनु0जाति/अनु0जनजाति के परिवार जो अत्याचार से पीडित है.

(ब) अनु0जाति/अनु0जनजाति परिवार जिनकी मुखिया विधवाये या अविवाहित महिलाये है.

(स) अनु0जाति/अनु0जनजाति परिवार जो बाढ, आग, भूकम्प, चक्रवात तथा किसी भी प्राक्रतिक आपदा से पीडित है.

(3) कारगिल/कार्यवाही के दौरान मारे गये रक्षा/अर्द्धसैनिक बलों के कर्मचारियों की विधवायें/ परिवार.

(4) गैर अनु0जाति/अनु0जनजाति के परिवार.

(5) शाररिक तथा मानसिक रूप से विकलांग व्यक्ति.

(6) सुरक्षा सेनाओं/अर्द्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त कर्मचारी.