सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बी.ए.डी.पी.)

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योजना का उद्देश्यः- 

  •  योजना का मुख्य उद्देश्य सीमान्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाये उपलब्ध कराना है 

कार्य क्षेत्र:-

  •  उत्तराखण्ड राज्य के जनपद पिथौरागढ के विकास खण्ड, मुनस्यारी, धारचूला, कनालीछीना, मूनाकोट, जनपद चम्पावत के विकास खण्ड चम्पावत व लोहाघाट, जनपद ऊधमसिंह नगर का विकास खण्ड, खटीमा, जनपद चमोली का विकास खण्ड जोशीमठ एवं जनपद उत्तरकाशी का विकास खण्ड भटवाड़ी है। 

अनुमन्य कार्य:-

1. शिक्षा विभाग से संबंधित कार्यः-

  • प्राइमरी, माध्यमिक/ उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवन/ अतिरिक्त कक्षा कक्षों का निर्माण।
  •  क्रीड़ा स्थलों का विकास।
  • छात्रावासों का निर्माण।
  • सार्वजनिक पुस्तकालय एवं अध्ययन कक्षों का निर्माण।

2. स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कार्यः-

  •  प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों का निर्माण
  •  एक्सरे मशीन, ई0सी0जी0 मशीन, दन्त चिकित्सा से सबंधित उपकरण क्रय , पेथौलाॅजी लैब, आदि क्रय करना।
  •  ग्रामीण क्षेत्रों हेतु मोबाइल चिकित्सा हेतु वेनो का क्रय किया 

3. कृषि क्षेत्र-

  •  पशुपालन एवं दुग्ध उद्योगो का विकास।

  •  रेशम कीट पालन

  •  मुर्गी,/मछली/भेड़ पालन आदि को प्रोत्साहित करना।

  •  सिंचाई/लघु सिंचाई कार्य

  •  जल संरक्षण/सम्भरण/ भूमि संरक्षण एवं भू स्खलन कार्य

  •  सामाजिक वृक्षारोपण, जे0एफ0एम0, बाग

  •  अधुनिक बीज, उर्वरक आदि उपलब्ध कराना।

  •  पशुचिकित्शालय, कृत्रिम गर्भाधान

4. मूल भूत सुविधाये

  •  सड़को का निर्माण, सम्पर्क मार्ग एवं पुलिया एवं पुल निर्माण

  •  कुटीर उद्योंगों की स्थापना।

  •  ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण, पेयजल, झूला पुलसार्वजनिक शौचालय निर्माण,  एवं बस अडडे आदि का निर्माण। 

  •  सीमान्त क्षेत्रों में बाजारों/मेलों का आयोजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।

  •  छोटे स्टेडियम/इन्डोर स्टेडियम /औडोटोरियम निर्माण

  •  यात्रा केन्द्रों का निर्माण

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