विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G)
(I) पृष्ठभूमि :–
‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप, विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G), उत्तराखण्ड के अंतर्गत प्रत्येक वित्तीय वर्ष में ऐसे ग्रामीण परिवारों को 125 दिवस की वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हों।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के माध्यम से समृद्ध, सशक्त एवं आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का निर्माण करना है। योजना के अंतर्गत जल सुरक्षा, आजीविका-संबंधी अवसंरचना तथा जलवायु परिवर्तन एवं चरम मौसमी घटनाओं के प्रभावों को कम करने हेतु विशेष कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर पीएम गति शक्ति एवं भू-स्थानिक प्रणालियों (Geospatial Systems) के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अभिसरण (Convergence) को बढ़ावा दिया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने हेतु बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली, GPS आधारित निगरानी, MIS डैशबोर्ड तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी आधुनिक डिजिटल तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
यह योजना ग्रामीण जनसमुदाय को आजीविका सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ पारदर्शिता, जवाबदेही, दक्षता एवं नागरिक सहभागिता को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
(II) मुख्य उद्देश्य :–
विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G), उत्तराखण्ड का मुख्य उद्देश्य राज्य के ऐसे ग्रामीण परिवारों को, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस के रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करना है।
इस योजना के माध्यम से विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप उत्तराखण्ड राज्य में एक सुदृढ़ एवं सतत ग्रामीण विकास व्यवस्था स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक विकास, आजीविका सुरक्षा, उत्पादक परिसंपत्तियों का सृजन, पर्यावरणीय स्थिरता तथा ग्रामीण जनसमुदाय का सशक्तीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
राज्य को समृद्ध एवं सशक्त बनाने के लिए योजना के अंतर्गत मुख्यतः निम्नलिखित चार प्रकार के कार्य किए जाएंगे :–
(क) जल सुरक्षा :
प्राकृतिक संसाधनों के एकीकृत प्रबंधन के माध्यम से जल संरक्षण, संवर्धन एवं उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए ग्रामीण समुदाय के लिए जल सुरक्षा को बढ़ावा देना।
(ख) मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना :
ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक एवं सामुदायिक आधारभूत अवसंरचना तथा परिसंपत्तियों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण करना।
(ग) आजीविका-संबंधी अवसंरचना :
स्थायी आजीविका, आय सृजन एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु उत्पादक अवसंरचना का निर्माण करना।
(घ) चरम मौसमी घटनाओं हेतु विशेष कार्य :
चरम मौसमी घटनाओं एवं जलवायु संबंधी जोखिमों के प्रभावों को कम करने तथा उनसे निपटने के लिए आवश्यक विशेष कार्यों का क्रियान्वयन करना।
(III) क्रियान्वयन विभाग :–
ग्राम्य विकास विभाग योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नोडल विभाग होगा।
विभाग द्वारा संबंधित विभागों, पंचायती राज संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के समन्वय से योजना के अंतर्गत कार्यों की योजना निर्माण, समन्वय, क्रियान्वयन, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाएगा।
(IV) योजना की प्रकृति :–
विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G), उत्तराखण्ड को केन्द्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के रूप में भारत सरकार एवं उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संयुक्त रूप से लागू ।
योजना का क्रियान्वयन भारत सरकार के “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025” तथा इसके अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों में निहित प्रावधानों एवं निर्धारित लागत-वहन व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।
VB-G RAM G का दृष्टिकोण (Vision)
“आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए, उत्पादक एवं सतत परिसंपत्तियों के सृजन, विकासात्मक योजनाओं के अभिसरण तथा प्रौद्योगिकी-सक्षम सुशासन के माध्यम से ग्रामीण समुदायों का सशक्तीकरण करना तथा इसे ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप आगे बढ़ाना।”
विकसित भारत @2047
विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण विकास को सशक्तीकरण, समावेशी विकास, अभिसरण एवं विकासात्मक संतृप्ति (Saturation) के माध्यम से गति प्रदान करना।
पूर्ण पारदर्शिता
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी, रियल-टाइम MIS डैशबोर्ड, नियमित सार्वजनिक प्रकटीकरण तथा सुदृढ़ सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) के माध्यम से योजना में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना।
मिशन केंद्रित दृष्टिकोण
पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिवस से बढ़ाकर 125 दिवस की वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी के माध्यम से ग्रामीण आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करना।
सतत ग्रामीण विकास
निम्नलिखित चार प्राथमिक विषयगत क्षेत्रों के माध्यम से सतत, समावेशी एवं जलवायु-लचीले ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना :–
- जल सुरक्षा
- मूलभूत ग्रामीण अवसंरचना
- आजीविका-संबंधी अवसंरचना
- चरम मौसमी घटनाओं हेतु विशेष कार्य
लाभार्थी:
ग्रामीण परिवार
लाभ:
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 100 दिवस से बढ़ाकर 125 दिवस की वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी प्रदान की गई है। यह योजना ग्रामीण जनसमुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ-साथ उनके सशक्तीकरण को बढ़ावा देगी।
आवेदन कैसे करें
कार्य की मांग हेतु आवेदन मौखिक अथवा लिखित रूप में वार्ड सदस्य, ग्राम पंचायत, कार्यक्रम अधिकारी, राज्य सरकार द्वारा अधिकृत किसी व्यक्ति के समक्ष अथवा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत किसी अन्य माध्यम से प्रस्तुत किया जा सकता है।
कार्य हेतु आवेदन व्यक्तिगत रूप से अथवा समूह के रूप में संयुक्त रूप से भी प्रस्तुत किया जा सकता है।